
आज रात जब व्रत से व्याकुल करोड़ों जोड़ी नयन चलनी की ओट में चंदा का बिम्ब देखेंगे तो नेपथ्य में एक मल्लती प्लेक्स संस्करण भी झिलमिलायेगा । एकता कपूर मार्का सीरियल की तरह करवा चौथ का भी बाजारीकरण हो गया है । देश के हजारों ब्यूटी पार्लर और मेहंदी लगाने वाले कम से कम आज उन पुरखों को साधुवाद तो देंगे जिन्होंने सदियों पहले सुहागनों को एक दिन निराहार रहने का विचित्र विधान दिया । दांपत्य जीवन को ,पति को खिलाकर ही खाने और प्यार -मनुहार से उपहार वसूलने जैसी मीठी शर्तों से बाँधने वाले इस का कभी शायद कोई पावन अर्थ रहा हो ,आज तो वह जींस धारियों के हाथ mछलनी जैसे वाले नज़ारे दिखा रहा है । व्यवसायीकरण के चलते एक -दो हजार रूपए से लेकर दस हजार रूपए तक के सोने चांदी के बने डिजाइनर कर'वे जो गंगा जमुनी करवा ,नातद्बारा ,कोल्हापुरी ,राजस्थानी के नाम से बाजार मैं मौजूद है । पारम्परिक मिटटी के करवे दस -तीस रूपए तक मिल रहे है ........................तुम धन्य हो बाजार ।
यह तो कहा ही जा सकता है की ......."दिलबर से अगर मिलना है तो, दिलबर बने रहना" (अज्ञात )
1 comment:
Bilkul sacchai....Karwa Chauth ka bazarikaran.
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