Saturday, May 16, 2009

बहने....

"जब बाप गरज रहे होते हैं बाप जैसे ,
माँ रो रही होती है माँ जैसी ,
भाई खड़े रहते है भाई जैसे ,
तब कुछ भाई ,कुछ माँ ;कुछ बाप जैसी ,
प्रार्थना मे झुकी रहती है बहने।

3 comments:

ajay said...

100 प्रतिशत सही बात लिखी है आपने। लेकिन क्‍या करें हमारे देश में बहनों का महत्‍व बहुत कम लोग समझते हैं।

कंचन सिंह चौहान said...

achchha likhate hai aap...! bahut achchha..!

prachi mittal said...

awesome...